Sunday, June 18, 2017

बालक बालिकाएं कला और ड्राइंग पेंटिंग सीखते हुवे ...


बालक बालिकाएं कला और ड्राइंग पेंटिंग सीखते हुवे ...

Wednesday, June 7, 2017

Vocabulary Enhancement Sufix r er or




Thank you for watching.
Please do subscribe my channel. Keep in touch. Take care. Have an excellent
time.





Sunday, June 4, 2017

Prefix un changes word meaning to negative



दोस्तों ठाकोर जोशी इंग्लिश ट्रेनर का नमस्कार ! आज हम बात करेंगे कुछ ऐसे अल्फाबेट्स या लेटर्स की जिन्हे की शब्द के पहले लगा देनेसे उसी शब्द का विपरीत शब्द तैयार हो जाता है और हमारी वोकैबुलरी बढ़ती जाती है| ***जो लेटर्स वर्ड शुरू होने से पहले ही लगाए जाते हैं उन्हें प्रीफिक्स कहा जाता है और जो लेटर्स शब्द के अंत में लगाए जाते हैं उन्हें सफ़िक्स कहा जाता है***| चलिए देखे un प्रीफिक्स लगा देने  से क्या क्या होता है !
                                                                  
1.      1.      Able … unable ………………………  समर्थ ... असमर्थ                
2.      Affordable … unaffordable…………. सस्था ... महंगा
3.      Approved… unapproved……………. मंजूर ... नामंजूर
4.      Believable… unbelievable………….. विश्वासपात्र ... अविश्वास्पात्र
5.      Civilized… uncivilized……………… सभ्य ... असभय
6.      Comfortable… uncomfortable ……… आरामदेह ... कठिनाई पूर्ण
7.      Common… uncommon……………... सामान्य ... असामान्य
8.      Deserved… undeserved…………….. योग्य ... अयोग्य
9.      Desirable… undesirable……………. वांछनीयअवांछनीय
10.  Expected… unexpected……………. अपेक्षितअप्रत्याशित
11.  Loading… unloading………………. माल चढ़ाना ... माल उतारना
12.  Noticed… unnoticed……………….. देखाअनदेखा
13.  Pleasant… unpleasant……………… सुहाना ... जो सुहाना न हो
14.  Real… unreal………………………. असली ... नकली
15.  Wanted… unwanted……………….. अपेक्षितअप्रत्याशित
16.  Acceptable… unacceptable………... स्वीकार्यअस्वीकार्य
17.  Clean… unclean…………………… साफ़ सुथरा ... मैला कुचैला
18.  Convinced… unconvinced………… सहमत ... असहमत
19.  Happy… unhappy………………….  खुश ... नाराज
20.  Intentional… unintentional………… जान-बूझकरअनजाने में
21.  Plug… unplug……………………… प्लग डालना ... प्लग निकालना
22.  Well… unwell……………………… स्वस्थ ... अस्वस्थ
23.  Observed… unobserved……………. देखे गए ... जो न देखेगये हों
24.  Reserved… unreserved……………..  सुरक्षितअसुरक्षित या सामान्य
25.  Reasonable… unreasonable………… उचित --- अनुचित
26.  Screw… unscrew…………………… पेच कसना --- पेच निकालना
27.  Altered… unaltered………………… बदला हुवा ... जैसा था वैसा
28.  Aware… unaware………………….. जानकारी होना ... जानकारी न होना
                                            
आज के लिए बस इतना ही ! मिलेंगे दूसरे लेसन के साथ | तब तक के लिए अलविदा ! जो पूछना हो ज़रूर पूछे ! चेनल को सबस्क्राइब ज़रूर करे !
Thank you for watching. Please do subscribe my channel. Keep in touch. Take care. Have an excellent time.













Wednesday, May 31, 2017

Thursday, January 19, 2017

Countryside Street Musician of Gujarat



Countryside Street Musician of Gujarat

Please do visit, Like, Follow, Share and subscribe my following Blogs: -
http://google.com/+joshitd

Monday, January 2, 2017

निबंध बच्चो के वर्ताव के लिए जिम्मेदार कौन सिर्फ माता पिता या सिर्फ स्कूल

                                                         



निबंध बच्चो के वर्ताव के लिए जिम्मेदार माता पिता एवम स्कूल दोनों ही होते हैं| किसी भी एक की ये जिम्मेदारी कहना गलत है| बच्चे के जन्म के पश्चात जब तक वो स्कूल नहीं जाता उसे सही वर्ताव सिखाना माता पिता की संपूण जिम्मेदारी है| पांच वर्ष तक की आयु तक बच्चे जो अनुभव करते हैं या सीखते हैं उनका प्रभाव बच्चे के मस्तिक्ष पर काफी मजबूत और स्थाई होता है|

स्कूल में बच्चे अनुशाशन, समय की पाबंदी, साथ मिलकर काम करना, अन्य खेल कूद के साथ साथ कई विषय जैसे कि भाषाएं, गणित, विज्ञान, इतिहास, भूगोल, कम्प्यूटर इत्यादि सीखते हैं| खेल कूद, परेड, व्यायाम इत्यादि बच्चों के शारीरिक एवम मानसिक विकास हेतु सिखाये जाते हैं| स्कूलों में कई कई अन्य प्रतियोगिताएं जैसे कि संगीत, नृत्य, नाटक, वाद विवाद इत्यादि बच्चो के सर्वांगीण विकास हेतु आयोजित की जाती हैं|

स्कूलों की पढाई पूरी करके विद्यार्थी कॉलेज एवम प्रोफेशनल कॉलेज में जाते हैं और डॉक्टर, इंजीनियर, साइंटिस्ट इत्यादि बनते हैं | अतः स्कूल की पढाई एक फाउंडेशन होती है और जितनी मजबूत नीवं होगी उतना ही मजबूत वो नागरिक बनेगा|

स्कूल में जाने पर स्कूल का माहौल, टीचर्स का वर्ताव, साथी एवम अन्य विद्यार्थियों का वर्ताव इत्यादि का बच्चो के वर्ताव पर काफी असर पड़ता है| और नया विद्यार्थी जो देखता है वही सीखता है| सही या गलत की पहचान नए विद्यार्थी को नहीं होती| इसी कारण से समय समय पर पेरेंट्स मीटिंग आयोजित की जाती है और माता पिता को अवगत कराया जाता है कि उन्हें क्या क्या और करना चाहिए तथा माता पिता भी टीचर्स को बता सकते हैं  कि उनके बालक की शिक्षा में किन किन बातों का अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है| अतः स्कूल का, विद्यार्थी के चरित्र गठन में और उसे एक अच्छा नागरिक बनाने में बहुत बड़ा योगदान होता है| 

(शब्द 310)

निम्नलिखित ब्लोग्स को भी अवश्य सब्सक्राइब करें,पढ़ें,लाइक करें और शेयर करें धन्यवाद: -